क्यों मोह से करो तुम वादा,भूल कैसे गए तुम कान्हा।
मै कैसे रहूंगी तुम बिन ,नहीं कोई पुकारे राधा।
गोकुल की गली सूनी हैं,प्रेम नगरिया मेरी सूनी हैं।
रो रही हैं सारी गौऐ, रो रही हैं सारी सखिया।
रोए सखा संग में मैया,रो रही है मेरी अखियां।
अपना जादू कर वापस लो, बसा है वो तन मन में। अपनी यादों को वापस लो, क्या रहा है अब जीवन में।।
जब से छोड़ा है तुमने गोकुल, भूल गई मैं सब कुछ।
कब वापस आओगे कन्हैया, सूनी है मन की नगरिया।
Nice
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