तुम्हें एपाने की तड़प मेरे दिल में, बरसों पुरानी रही है।
एक बार तो मिलने को आओ, मेरी तमन्ना यही है।
तुम आते हो मिलने पता है , बात बिल्कुल सही है ।
मैंने तुम को पकड़ा कान्हा,मेरी पहचान बिल्कुल सही है।
लोग कहते हैं यह नटखट वही, जिसे दुनिया ढूंढ रही है।
तुम्हे आना ही होगा कन्हैया, मुझे पूरा यकीन है ।
तुम छोड़ के आ जाओ सब ,भक्ति की परीक्षा यही है।
तुम्हारे दर्शन की अभिलाषा ,सभी भक्तों में बड़ी है।
तुम्हें पाने की इच्छा, ओ मोहन मेरे दिल में बड़ी है।
तेरी राहों में फूल बिछा कर ,हम निशि दिन खड़ी है।
अपनी उंगली पकड़ा दो कन्हैया, मेरे साथ कोई नहीं है।
Wow
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