मेरे हर सवाल का,
जवाब रखते हो।
मेरे हर खर्च का,
हिसाब रखते हो।
मेरे जज्बात का,
खयाल रखते हो।
मेरे हर फूल को,
संभाल रखते हो।
मेरी हर बात का,
विश्वास रखते हो।
मेरे हर अश्क का,
इंतकाम रखते हो।
मेरी हसरतों को ,
संभाल रखते हो।
बहुत चाहने का,
अंदाज रखते हो।
नहीं समझे सनम, नहीं समझे तुम।।
एक मेरी मोहब्बत को ही नहीं समझे तुम।।
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