रचनाकार का नाम- निशि द्विवेदी
गीत के बोल- लागे कितने सुंदर हमारे सांवरे।
लागे कितने सुंदर, वो मेरे सांवरे।
किसने किया सिंगार , ओ मेरे सांवरे।।
बने दूल्हा है आज, वह मेरे सांवरे।
पहने मोतियान के हार, हमारे सांवरे।।
सतरंगी पगडी तूमहार, लागे बड़ी कमाल।।
हाथ मेहंदी कमाल होठों की लाली लाल लाल।
कंठी माला भी तुमहारे ,लागे बड़े कमाल।
रही बंसी पुकारे , राधा नाम रे।
तुम्हारा टीका भी लगे कमाल है।
हाथ मुंदरी भी लगे कमाल है।।
यह जो चेहरे पर किया श्रृंगार है।
तुम्हारी आंखों से छलके प्यार है।।
इतने काले हो तुम तो क्या हुआ।
इसी काले से हमको प्यार है।।
मेरे चेहरे पर जो तिल का निशान है,
कुछ और नहीं कान्हा तेरा कमाल है।।
No comments:
Post a Comment